रांची: झारखंड में पिछले 24 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रहा ऐतिहासिक छात्र आंदोलन आखिरकार सरकार के बड़े फैसले के बाद स्थगित हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए विवादित JSSC-CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों की व्यापक जांच कराने का आदेश दिया गया है। देश और शिक्षा व राजनीति से जुड़ी बड़ी खबरों के लिए हमारे पोर्टल पर बने रहें।

राहुल गांधी की चिट्ठी और सरकार का सकारात्मक रुख

इस पूरे गतिरोध को सुलझाने में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। राहुल गांधी ने गठबंधन सहयोगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों के साथ व्यक्तिगत रूप से संवाद करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान निकालने की अपील की थी। इसके बाद झारखंड सरकार ने कड़ा रुख छोड़ते हुए आंदोलनकारियों के साथ संवेदनशीलता दिखाई। आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज या नकारात्मक लेबल लगाने के बजाय सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की—जो हालिया आंदोलनों में एक अलग मिसाल बनी है।

परीक्षा सुधार समिति का गठन और 2014 से जांच

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बहाल करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय परीक्षा सुधार समिति गठित की जाएगी। यह समिति चयन प्रक्रियाओं में सुधार के लिए छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 से अब तक हुई सभी गड़बड़ियों की तह तक जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे की चुनौतियां: सीबीआई जांच की मांग और सफल छात्रों का विरोध

आंदोलन स्थगित होने के बावजूद छात्रों का एक गुट अभी भी इस मामले में सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। वहीं दूसरी ओर, परीक्षा रद्द होने के फैसले से उन सफल अभ्यर्थियों में भारी रोष और निराशा देखी जा रही है जिन्होंने कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की थी। कई सफल छात्रों ने प्रोजेक्ट भवन के बाहर विरोध दर्ज कराया और अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

पड़ोसी राज्य बिहार तक आंदोलन की गूंज

झारखंड के छात्रों की इस संगठित जीत का सीधा मनोवैज्ञानिक असर पड़ोसी राज्य बिहार में भी देखा जा रहा है। बिहार में भी शिक्षक भर्ती और राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC/BSSC) के अभ्यर्थी एकजुट हो रहे हैं, जिससे आने वाले समय में छात्र राजनीति और युवाओं के मुद्दे दोनों राज्यों में केंद्र बिंदु बनते नजर आ रहे हैं।